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Rahu remedies by Lal Kitab

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राहु  के उपाय लाल किताब  ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार राहु को पाप ग्रह माना गया है। राहु के अशुभ स्‍थान में होने पर यह जातक को अत्‍यंत परेशान करता है। लाल किताब के अनुसार राहु यदि कुंडली में अशुभ स्‍थान में विराजमान है तो वह जातक को संतान प्राप्‍ति और धन प्राप्‍ति में अड़चनें उत्‍पन्‍न करता है। इसके प्रभाव में धन हानि के योग भी बनते हैं, यहाँ राहु से सम्बंधित हर चीज का उल्लेख किया जा रहा है | राहू वह धमकी है जिससे आपको डर लगता है | जेल में बंद कैदी भी राहू है | राहू सफाई कर्मचारी है | स्टील के बर्तन राहू के अधिकार में आते हैं | हाथी दान्त की बनी सभी वस्तुए राहू के रूप हैं | राहू वह मित्र है जो पीठ पीछे आपकी निंदा करता है|  दत्तक पुत्र भी राहू की देन होता है | नशे की वस्तुएं राहू हैं | दर्द का टीका राहू है |  राहू मन का वह क्रोध है जो कई साल के बाद भी शांत  नहीं हुआ है, न लिया हुआ बदला भी राहू है | शेयर मार्केट की गिरावट राहू है, उछाल केतु है | बहुत समय से ताला लगा हुआ मकान राहू है | बदनाम वकील भी राहू है | मिलावटी शराब राहू है | राहू वह धन है जिस पर आपका कोई ...

Budh|Mercury Planet and remedies|Lal -Kitab

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बुध ग्रह - प्रभाव और उपाय बुध का पहले भाव में फल पहले घर में स्थित बुध जातक को दयालु, विनोदी और प्रशासनिक कौशल के साथ राजनयिक बनाता है। आमतौर पर ऐसा लम्बे समय तक जीता है, स्वार्थी हो जाता है तथा स्वभाव से नटखट होकर, मांशाहार और मदिरा पान की ओर आकृष्ट हो जाता है। जातक को सरकार से मदद मिलती है और उसकी बेटियां राजसी जीवन जीती हैं। जिस भाव में सूर्य बैठा है उस भाव से संबंधित रिश्तेदार बहुत कम समय में खूब पैसा कमा कर धनवान बन जाते हैं। स्वयं जातक के पास भी आमदनी के कई स्रोत होते हैं। यदि सूर्य बुध के साथ पहले भाव में हो अथवा बुध सूर्य के द्वारा देखा जाता हो तो जातक की पत्नी किसी अमीर और कुलीन परिवार से आएगी और अच्छे स्वभाव वाली होगी। ऐसा जातक मंगल से दुष्प्रभावी हो सकता है लेकिन इसे सूर्य से बुरे परिणाम नहीं मिलेंगे। राहु और केतु बुरे प्रभावी होंगे जो जातक के वंशजों और ससुराल वालों के लिए हानिकारक होंगे। पहले घर में स्थित बुध के कारण जातक दूसरों को प्रभावित करने की कला में माहिर होगा और वह किसी राजा की तरह जिएगा। पहले घर में बुध नीच का हो और चंद्रमा सातवें घर में हो तो जातक नशे के कारण अपन...

Mangal planet and its remedies- mars remedies by lal-kitab

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मंगल ग्रह - प्रभाव और उपाय मंगल का पहले भाव में फल पहले घर में स्थित मंगल ग्रह जातक को उम्र के 28 वर्ष से अच्छे स्वभाव वाला, सच्चा और अमीर बनाता है। उसे सरकार से सहयोग मिलता है और वह अधिक प्रयास के बिना दुश्मनों पर जीत हासिल करता है। जातक शनि से संबंधित व्यवसायों जैसे लोहा, लकडी और मशीनरी आदि के माध्यम से खूब धनार्जन करता है और शनि से संबंधित रिश्तेदार जैसे, भतीजे, पोते, मामा/चाचा आदि के लिए ऐसे जातक से मिला सहज श्राप कभी बेकार नहीं जाता। शनि और मंगल की युति जातक को शारीरिक कष्ट देती है। उपाय: मुफ्त के उपहार या दान स्वीकार नहीं करना चाहिए। बुरे कामों और झूठ से बचें। संतों और फकीरों की संगति बहुत हानिकारक साबित होगी,अत: उनसे बचें। हाथीदांत की चीजें बहुत प्रतिकूल प्रभाव देंगी, अतः उनसे बचाव करें। मंगल का दूसरे भाव में फल दूसरे भाव में स्थित मंगल वाला जाता आमतौर पर अपने माता पिता की बडी संतान होता है अन्यथा उसके साथ बडे के जैसे बर्ताव किया जाएगा। लेकिन रहने एक छोटे भाई की तरह रहना और बर्ताव करना जातक के बहुत फायदेमंद और कई बुराइयों को अपने आप नष्ट करता है। इस घर का मंगल जातक को ससुराल से...

How to read birth chart (lal kitab)

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How to read Birth Chart आपका वैदिक जन्म चार्ट एक अद्वितीय कर्मिक नक्शा है जो जीवन के ज्ञान को साझा करता है- भूतकाल, वर्तमान और भविष्य। आपके चार्ट में यह समझने की कुंजी है कि आप मानसिक, भावनात्मक, शारीरिक और आध्यात्मिक शरीर के स्तर पर कौन हैं। आपका चार्ट आपके उपचार और परिवर्तन प्रक्रिया के बारे में अंतरंग रहस्य भी साझा करता है। ज्योतिष ज्योतिष का वैदिक विज्ञान है। पूरी तरह से अन्वेषण और समझने में घंटों, वर्षों और यहां तक ​​कि जीवन के समय भी लगते हैं। यहां मैं अपने स्वयं के वैदिक जन्म चार्ट की परतों को छीलने के लिए कुछ बहुत ही बुनियादी कदम बताता हूं। अपने वैदिक जन्म चार्ट को कैसे पढ़ा जाए अपने बढ़ते संकेत की पहचान करें। दाईं ओर उत्तर भारतीय स्टाइल आरेख का उपयोग करके, ध्यान दें कि पहला घर आपके चार्ट में है। यह वह जगह भी है जहां आपका बढ़ता संकेत स्थित है। पहले घर में छोटी संख्या आपके बढ़ते संकेत को इंगित करती है। आपका बढ़ता संकेत क्या है? मेष एक नंबर 1 है। वृषभ संख्या 2 है। मिथुन एक नंबर 3 है। कैंसर एक संख्या 4 है। लियो एक संख्या 5 है। कन्या एक संख्या 6 है। तुला 7 नंबर है। वृश्चिक संख्या 8...

Lal Kitab Upay -Remedies

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लाल किताब के सरल उपाय  लाल किताब के उपाय कृपया दिन में ही करे एक उपाय पूरा हो जाने के बाद ही दूसरा उपाय करे|  उपाय कम से कम 43 दिन लगातार करे .उपाय करने में सावधानी जरुर बरते ..बिना उचित सलाह के कोई उपाय आप को और मुस्किल में डाल सकता है|  वर्तमान समय में ज्योतिष के अन्दर आज सबसे ज्यादा चर्चित नाम लाल किताब का है। सामान्यतः इसे सरल व साधारण उपायों के लिए जाना जाता है।परंतु यह सत्य नहीं है, जब किस्मत ख़राब होती है तब इन्शान को 1 छोटा सा उपाय भी पहाड़ जैसा दीखता है|  प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों में कष्टों के निवारण के उपायों को भली प्रकार समझाया गया है, जिसमें लग्नेश तथा लग्न के लिए शुभ ग्रहों का रत्न धारण करना, अनिष्टकारी ग्रहों की शांति के लिए उनका पूजन, मंत्र जप, हवन और ग्रह संबंधित वस्तुओं के दान का उल्लेख होता है। जीवन के कष्टों को दो भागों में बांटा गया है। एक वे जिनको उपायों द्वारा शांत किया जा सकता है, और दूसरे वे जिनका भोग कर ही निवारण होता है। यह कुंडली के अध्ययन से ज्ञात होता है। कुछ आम उपाय है जिसे कोई भी कर सकता है जैसे :- 1. सांसारिक सुखों के लिए गाय, कृत्ते ए...