Chander-Moon planet and remedies
चन्द्र ग्रह के प्रभाव और लाल किताब के उपाय लाल किताब हर भाव में चंद्रमा के स्थित होने पर जातक के जीवन में उसके क्या प्रभाव दिखाई पड़ते हैं। उसके क्या लक्षण हैं इसके साथ ही प्रस्तुत लेख में बताया गया है कि लाल किताब के अनुसार चंद्र के अच्छे प्रभावों को कैसे बढ़ाया जाए और खराब प्रभावों को कैसे कम किया जाए। पूरी कुण्डली का विश्लेषण करने के दौरान चंद्र की अवस्था के अतिरिक्त हमें चंद्रमा पर पड़ने वाली दृष्टियों, उसके साथ बैठे ग्रहों और दो या अधिक ग्रहों के मिलने से होने वाले मसनुई प्रभाव का भी अध्ययन करना होता है। यहां केवल सूर्य की भावों में स्थिति से होने वाले प्रभावों को स्पष्ट किया गया है। पुराणों के अनुसार देव और दानवों द्वारा किए गए सागर मंथन से जो 14 रत्न निकले थे उनमें से एक चंद्रमा भी थे जिन्हें भगवान शंकर ने अपने सिर पर धारण कर लिया था। चंद्र देवता हिंदू धर्म के अनेक देवतओं मे से एक हैं। उन्हें जल तत्व का देव कहा जाता है। चंद्रमा की महादशा दस वर्ष की होती है। चंद्रमा के अधिदेवता अप् और प्रत्यधिदेवता उमा देवी हैं। श्रीमद् भागवत के अनुसार चंद्रदेव महर्षि अत्रि और अन...