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Sai baba ki kahaniya

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Sai Baba ki Kahaniya यूं तो शिर्डी के सांईं बाबा के सैकड़ों चमत्कार हैं लेकिन हम यहां बता रहे हैं मात्र 10 ही चमत्कार। हो सकता है कि हमसे कुछ महत्वपूर्ण चमत्कार या बाबा की कृपा के किस्से छूट गए हों। Sai baba ki पहली कहानी सांईं बाबा प्रतिदिन मस्जिद में दीया जलाते थे। इसके लिए वे बनियों से तेल मांगने जाते थे। लेकिन एक दिन बनियों ने बाबा से कह दिया कि बाबा हमारे पास तेल नहीं है। तब बाबा वहां से चुपचाप चले गए और मस्जिद जाकर उन्होंने दीये में तेल की जगह पानी डाला और दीया जल पड़ा और यह बात चारों तरफ फैल गई। तब वहां के बनिये उनके सामने आए और उनसे मांफी मांगी तो बाबा ने उन्हें माफ कर दिया और उनसे कहा कि 'अब कभी झूठ मत बोलना।' . Sai baba ki दूसरी कहानी  एक बार बाबा का भक्त बहुत दूर से अपनी पत्नी को लेकर बाबा के दर्शन के लिए आया और जब वह जाने लगा तो जोरों से बारिश होने लगी। तब उनका भक्त परेशान होने लगा तब बाबा ने उनकी परेशानी को देखकर कहा, हे अल्लाह! बारिश को रोक दो, मेरे बच्चों को घर जाना है और तत्काल ही बारिश रुक गई। Sai baba ki तीसरी कहानी एक बार गांव के एक व्यक्ति की एक बेटी अचानक खे...

Miracle of Sai Baba | Shraddha aur Saburi

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Miracle of Sai Baba -Shraddha aur Saburi - श्रद्धा और सबुरी  सांईंबाबा के बारे में कहा जाता है कि यदि उनके प्रति आप भक्ति की भावना से भरकर उनकी समाधि पर माथा टेकेंगे तो आपकी किसी भी प्रकार की समस्या हो, उसका तुरंत ही समाधान होगा। जब सांईंबाबा आपकी भक्ति को कबूल कर लेते हैं, तो आपको इस बात की किसी न किसी रूप में सूचना भी दे देते हैं। सांईं न हिन्दू हैं और न मुसलमान, वे सिर्फ अपने भक्तों के दु:ख-दर्द दूर करने वाले बाबा हैं। सांईं बाबा का स्पष्ट संदेश है कि यदि तुम मेरी ओर देखोगे तो मैं तुम्हारी ओर देखूंगा। मेरे भक्त को जीवन में किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होने दूंगा। अपने भक्तों के कष्ट दूर करना कोई चमत्कार नहीं है, लेकिन उनके भक्त इसे चमत्कार ही मानते हैं। सांईंबाबा ने अपने जीवनकाल में कई ऐसे चमत्कार दिखाए जिससे कुछ लोगों ने उनको राम का अंश जाना तो ‍कुछ ने श्याम का। सांईं के 11 वचनों के अनुसार वे आज भी अपने भक्तों की सेवा के लिए तुरंत ही उपलब्ध हो जाते हैं। आओ जानते हैं सांईंबाबा के ऐसे ही कुछ कार्य जिनको माना जाता है चमत्कार |  1. सांईं भक्त दत्तोपंत : मध्यप्रदेश के हरदा गांव...

Shirdi Sai Baba ki Kahani

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Shirdi Sai Baba ki Kahani - History of Sai Baba's Life शिरडी के साई बाबा Shirdi Sai Baba(जन्म: 1835 , मृत्यु: 15 अक्टूबर 1918) जो एक आध्यात्मिक गुरु थे। उनके भक्त उन्हें अलग अलग नामों से पुकारते थे जैसे संत, फ़क़ीर और सतगुरु। उनके भक्त हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के थे जबकि वो स्वयं हिन्दू धर्म के थे। उनके सत्य नाम, जन्म, पता और माता पिता के बारे में कोई सूचना उपलब्द्ध नहीं है। जब उनसे उनके पूर्व जीवन के बारे में पूछा जाता था तो वे टाल-मटोल उत्तर दिया करते थे। साईं शब्द उन्हें भारत के पश्चिमी भाग में स्थित प्रांत महाराष्ट्र के शिरडी नामक कस्बे में पहुंचने के बाद ही प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने आप को एक सच्चे सद्गुरु को समर्पित कर दिया था, लोग उन्हें भगवान का अवतार ही समझते थे। Shirdi Sai Baba: साईं बाबा का प्रारम्भिक जीवन:  साईं बाबा ने सच्चे सतगुरु या मुर्शिद की राह दिखाई और आध्यात्मिकता का पाठ पढ़ाया। उनके बारे में पहली जानकारी साईं सत्चरित्र किताब में शिरडी गाँव से प्राप्त होती है। साईं बाबा 16 वर्ष की उम्र में अहमदनगर जिले के शिरडी गाँव में आये थे। यहां पर उन्होंने एक नीम के प...

Shri Sai Chalisa in hindi

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श्री साईं चालीसा ॥चौपाई॥ पहले साई के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं। कैसे शिरडी साई आए, सारा हाल सुनाऊं मैं॥ कौन है माता, पिता कौन है, ये न किसी ने भी जाना। कहां जन्म साई ने धारा, प्रश्न पहेली रहा बना॥ कोई कहे अयोध्या के, ये रामचंद्र भगवान हैं। कोई कहता साई बाबा, पवन पुत्र हनुमान हैं॥ कोई कहता मंगल मूर्ति, श्री गजानंद हैं साई। कोई कहता गोकुल मोहन, देवकी नन्दन हैं साई॥ शंकर समझे भक्त कई तो, बाबा को भजते रहते। कोई कह अवतार दत्त का, पूजा साई की करते॥ कुछ भी मानो उनको तुम, पर साई हैं सच्चे भगवान। बड़े दयालु दीनबन्धु, कितनों को दिया जीवन दान॥ कई वर्ष पहले की घटना, तुम्हें सुनाऊंगा मैं बात। किसी भाग्यशाली की, शिरडी में आई थी बारात॥ आया साथ उसी के था, बालक एक बहुत सुन्दर। आया, आकर वहीं बस गया, पावन शिरडी किया नगर॥ कई दिनों तक भटकता, भिक्षा माँग उसने दर-दर। और दिखाई ऐसी लीला, जग में जो हो गई अमर॥ जैसे-जैसे अमर उमर बढ़ी, बढ़ती ही वैसे गई शान। घर-घर होने लगा नगर में, साई बाबा का गुणगान ॥ दिग्-दिगन्त में लगा गूंजने, फिर तो साईंजी का नाम। दीन-दुखी की रक्षा करना, यही रहा बाबा का काम॥ बाबा के चरणों म...

Shri Sai Baba ke 11 vachan

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श्री साई बाबा की 11 वचन  जो शिरडी में आएगा, आपदा दूर भगाएगा ।  चढे समाधी की सीढ़ी पर, पैरो तले दुःख की पीढ़ी पर ।  त्याग शरीर चला जाऊंगा, भक्त हेतु दौड़ा आऊंगा ।  मन में रखना दृण विश्वास, करे समाधी पूरी आस ।  मुझे सदा जीवित ही जानो, अनुभव करो सत्य पहचानो।  मेरी शरण आ खली जाए, हो कोई तो मुझे बताये ।  जैसा भाव रहा जिस जान का, वैसा रूप हुआ मेरे मान का ।  आओ सहायता लो भरपूर, जो माँगा वह नहीं है दूर ।  भार तुम्हारा मुझ पर होगा, वचन न मेरा झूठा होगा ।  मुझ में लीं वचन मनन काया, उस का ऋण न कभी चुकाया ।  धान्य धान्य वो भक्त अनन्य, मेरी शरण तज जिसे न अन्ये ।  अनंतकोटी भ्रमांडनायक राजाधीराज योगिराज परमानंद श्री सच्चिदानंद सद्गुरु साई नाथ महाराज की जय ॥